अगर आप मेडिकल या स्वास्थ्य सेवा (Healthcare) के क्षेत्र में अपना एक उज्ज्वल और सम्मानजनक करियर बनाना चाहते हैं, और आपके मन में यह सवाल है कि anm course kya hai, तो आप बिल्कुल सही जगह पर आए हैं।
आज के समय में जब पूरी दुनिया में स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता बढ़ रही है, अस्पतालों और क्लीनिकों में हमेशा अच्छे और प्रशिक्षित लोगों की बहुत ज्यादा मांग रहती है । विशेषकर 2026 में, स्वास्थ्य सेवाओं का लगातार विस्तार हो रहा है। ऐसे में 12वीं कक्षा के बाद मेडिकल लाइन में जाने के लिए एएनएम कोर्स सबसे पसंदीदा और लोकप्रिय विकल्पों में से एक बन गया है ।
इस विस्तृत और आसान लेख में, हम आपको समझ आने वाली सरल हिंदी भाषा में anm course details in hindi देंगे। हम आपको बताएंगे कि anm ka pura naam क्या है, इसकी पढ़ाई कैसे होती है, anm course eligibility (योग्यता) क्या है, anm course fees कितनी लगती है, और इसे करने के बाद आपको कितनी सैलरी वाली नौकरी मिल सकती है। इस एक लेख को पढ़ने के बाद आपको इंटरनेट पर कहीं और जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
Table of Contents
ANM का पूरा नाम क्या है? (ANM Full Form)
अक्सर लोग जब पहली बार यह नाम सुनते हैं, तो पूछते हैं कि anm course kya hai और इसका फुल फॉर्म क्या होता है।
अंग्रेजी में ANM का पूरा नाम Auxiliary Nurse Midwifery (ऑक्सिलियरी नर्स मिडवाइफरी) होता है । हिंदी में इसे सहायक नर्स और दाई (Assistant Nurse and Midwife) या सहायक नर्सिंग एवं दाईगिरी कहा जाता है ।
सरल शब्दों में, मिडवाइफ या दाई का मतलब उस स्वास्थ्य कार्यकर्ता से है जो विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं की देखभाल करती है, सुरक्षित रूप से बच्चों का जन्म कराने में डॉक्टरों की मदद करती है, और छोटे बच्चों के स्वास्थ्य का ध्यान रखती है ।
एएनएम कोर्स क्या है? (What is anm course kya hai in Hindi)
सीधे और आसान शब्दों में समझें तो, anm course kya hai, यह नर्सिंग क्षेत्र का एक बहुत ही महत्वपूर्ण 2 साल का डिप्लोमा कोर्स है । यह कोर्स मुख्य रूप से महिलाओं के स्वास्थ्य, बच्चों के जन्म (प्रसूति), टीकाकरण (Vaccination) और प्राथमिक चिकित्सा (First Aid) से जुड़ा हुआ है ।
यह कोर्स उन छात्र-छात्राओं के लिए सबसे अच्छा माना जाता है जो कम उम्र में ही अपनी पढ़ाई पूरी करके अपने पैरों पर खड़ा होना चाहते हैं और समाज सेवा के साथ-साथ एक अच्छी नौकरी पाना चाहते हैं । इस कोर्स में किताबी ज्ञान (कक्षा की पढ़ाई) के साथ-साथ असली अस्पतालों में मरीजों की देखभाल करने का व्यावहारिक (Practical) काम भी सिखाया जाता है ।
यह स्वास्थ्य देखभाल की पहली सीढ़ी है। एक एएनएम नर्स को ‘फ्रंटलाइन हेल्थ वर्कर’ कहा जाता है क्योंकि गाँवों और छोटे शहरों में जब भी कोई बीमार होता है, तो सबसे पहले वह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) या उप-स्वास्थ्य केंद्र (Sub-Centre) में एएनएम नर्स से ही मिलता है ।
ANM कोर्स क्यों करना चाहिए? (Benefits of doing ANM)

आपके मन में यह सवाल जरूर आ सकता है कि 12वीं के बाद इतने सारे कोर्स होते हैं, तो फिर मुझे सिर्फ anm course kya hai और इसे ही क्यों चुनना चाहिए? इसके कई बड़े फायदे हैं:
- कम समय में नौकरी: एएनएम केवल 2 साल का डिप्लोमा कोर्स है । इसे पूरा करते ही आप नौकरी के लिए तैयार हो जाते हैं, जबकि कई अन्य डिग्रियों में 3 से 4 साल लग जाते हैं ।
- हमेशा रहने वाली मांग: अस्पताल और बीमारियां कभी खत्म नहीं होतीं। माँ और बच्चे के स्वास्थ्य, और टीकाकरण के लिए हमेशा एएनएम नर्सों की जरूरत हर गाँव और शहर में रहती है ।
- सरकारी नौकरी के ज्यादा अवसर: सरकार लगातार गाँवों की स्वास्थ्य सेवाओं को सुधारने के लिए योजनाएं चलाती है। इसलिए, सरकारी अस्पतालों में एएनएम के पदों पर लगातार बंपर भर्तियां निकलती रहती हैं ।
कम खर्च: किसी भी बड़ी मेडिकल डिग्री जैसे MBBS या BAMS को करने में लाखों रुपये लगते हैं, लेकिन एएनएम कोर्स बहुत ही कम फीस में सरकारी और प्राइवेट कॉलेजों से किया जा सकता है । - समाज सेवा का मौका: यह सिर्फ एक नौकरी नहीं है, बल्कि लोगों की जान बचाने और उन्हें स्वस्थ रखने का एक बहुत ही पवित्र काम है ।
ANM कोर्स के लिए आवश्यक योग्यता (anm course eligibility)
यह जानना बहुत जरूरी है कि anm course kya hai और इस कोर्स में दाखिला लेने के लिए आपके पास क्या-क्या योग्यताएं होनी चाहिए। हर राज्य और कॉलेज के नियम थोड़े अलग हो सकते हैं, लेकिन सामान्य anm course eligibility इस प्रकार है:
- शैक्षिक योग्यता (Education): इस कोर्स को करने के लिए छात्र का किसी भी मान्यता प्राप्त स्कूल बोर्ड से 12वीं कक्षा (10+2) पास होना बहुत जरूरी है ।
- कौन सा विषय चाहिए? (Stream): सबसे अच्छी बात यह है कि आप आर्ट्स, साइंस, या कॉमर्स किसी भी स्ट्रीम से 12वीं पास हो सकते हैं । हालांकि, अगर आपने 12वीं में साइंस (भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान) पढ़ी है, तो आपके लिए मेडिकल की पढ़ाई समझना थोड़ा ज्यादा आसान हो जाता है ।
- न्यूनतम अंक (Marks): 12वीं कक्षा में आपके कम से कम 40% से 50% अंक (Marks) होने चाहिए ।
- आयु सीमा (Age Limit): एएनएम कोर्स में एडमिशन लेने के लिए आपकी उम्र कम से कम 17 वर्ष होनी चाहिए। वहीं, अधिकतम उम्र आमतौर पर 35 वर्ष तक तय की गई है । (आरक्षित वर्गों को सरकारी नियमों के अनुसार उम्र में थोड़ी छूट भी मिलती है )।
- मेडिकल फिटनेस (Health): चूंकि आपको अस्पतालों में मरीजों के बीच रहकर काम करना है, इसलिए आपका शारीरिक और मानसिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ होना (Medically fit) बहुत जरूरी है ।
- लड़के या लड़कियां? (Gender): यह कोर्स मुख्य रूप से महिलाओं के स्वास्थ्य और दाईगिरी से जुड़ा है, इसलिए परंपरागत रूप से इसे ज्यादातर लड़कियां ही करती हैं । लेकिन आज के समय में नियमों के अनुसार स्वास्थ्य देखभालकर्ताओं के रूप में दोनों ही काम कर सकते हैं ।
ANM कोर्स की अवधि (Course Duration Details in Hindi)
अगर आप यह योजना बना रहे हैं कि anm course kya hai और इसे पूरा करने में मेरे जीवन के कितने साल लगेंगे, तो आपको बता दें कि यह एक छोटा और बहुत ही अच्छा कोर्स है।
भारत में एएनएम कोर्स की कुल अवधि (Duration) 2 साल की होती है । इन दो सालों को इस तरह से बांटा गया है
- 1.5 साल (18 महीने) की पढ़ाई: इसमें आपको कॉलेज के अंदर क्लासरूम में बिठाकर किताबें पढ़ाई जाती हैं और बेसिक मेडिकल चीजें सिखाई जाती हैं ।
- 6 महीने की इंटर्नशिप (Practical Training): पढ़ाई के आखिरी 6 महीनों में आपको किसी असली बड़े अस्पताल या ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्र (PHC) में भेज दिया जाता है। वहां आपको असली मरीजों की देखभाल करनी होती है, इंजेक्शन लगाना, दवा देना और डॉक्टरों की मदद करना सिखाया जाता है। इसे ही प्रैक्टिकल इंटर्नशिप कहते हैं ।
ANM कोर्स का सिलेबस और प्रमुख विषय (Subjects & Syllabus in Hindi)
यह जानना बहुत ही मजेदार है कि 2 साल की पढ़ाई में आखिर आपको क्या-क्या पढ़ाया जाएगा। anm course details in hindi के अंतर्गत एएनएम कोर्स का पूरा सिलेबस बहुत ही सरल और काम का होता है। इसे दो सालों (प्रथम वर्ष और द्वितीय वर्ष) में बांटा गया है:
प्रथम वर्ष के विषय (First Year Subjects):
पहले साल में आपको समाज और बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़ी बुनियादी बातें सिखाई जाती हैं।
- कम्युनिटी हेल्थ नर्सिंग (सामुदायिक स्वास्थ्य): इसमें पढ़ाया जाता है कि एक गाँव या समाज के लोगों को बीमारियों से कैसे बचाया जाए, सुरक्षित पीने का पानी, संक्रामक रोगों को फैलने से कैसे रोकें ।
- हेल्थ प्रमोशन (स्वास्थ्य संवर्धन): इसमें खान-पान और पोषण (Nutrition) के बारे में बताया जाता है। एक गर्भवती महिला को कैसा खाना खाना चाहिए, कुपोषण से कैसे बचें और साफ-सफाई कैसे रखें ।
- प्राइमरी हेल्थ केयर नर्सिंग (प्राथमिक चिकित्सा): जब किसी को अचानक चोट लग जाए, बुखार आ जाए, या डायरिया हो जाए, तो अस्पताल पहुँचने से पहले जो इलाज किया जाता है (जैसे पट्टी बांधना, ORS का घोल देना), वो सब इसमें सिखाया जाता है ।
- चाइल्ड हेल्थ नर्सिंग (बाल स्वास्थ्य): पैदा हुए नए शिशु की देखभाल कैसे करनी है, उसे माँ का दूध कैसे पिलाना है, बच्चे को कब-कब कौन सा टीका (Vaccine) लगाना है ।
द्वितीय वर्ष के विषय (Second Year Subjects):
दूसरे साल में पढ़ाई थोड़ी एडवांस हो जाती है और प्रसूति (डिलीवरी) पर ध्यान दिया जाता है।
- मिडवाइफरी (दाई का काम / प्रसूति सेवा): यह सबसे अहम विषय है। इसमें एक महिला के गर्भवती होने से लेकर बच्चा पैदा होने तक और उसके बाद की पूरी देखभाल सिखाई जाती है। सुरक्षित डिलीवरी कैसे करानी है, यह सब इसका हिस्सा है ।
- हेल्थ सेंटर मैनेजमेंट (स्वास्थ्य केंद्र का प्रबंधन): जब आप किसी गाँव के अस्पताल में काम करेंगे, तो वहाँ रजिस्टर कैसे भरना है, दवाओं का स्टॉक कैसे चेक करना है, और सरकार को रिपोर्ट कैसे भेजनी है, यह सब इसमें सिखाया जाता है
- प्रैक्टिकल ट्रेनिंग (इंटर्नशिप): आखिरी 6 महीनों में अस्पताल में डिलीवरी करवाना, इंजेक्शन लगाना और गाँव-गाँव जाकर टीकाकरण अभियान का हिस्सा बनना होता है ।
ANM कोर्स में एडमिशन कैसे लें? (Admission Process)
अगर आपने पूरी तरह से मन बना लिया है और आप जानना चाहते हैं कि anm course kya hai और इसमें एडमिशन कैसे मिलेगा, तो इसकी प्रक्रिया बहुत ही आसान है। भारत के अलग-अलग राज्यों और कॉलेजों में एडमिशन के मुख्य रूप से दो तरीके होते हैं:
1. मेरिट के आधार पर (Direct / Merit Based Admission): ज्यादातर प्राइवेट कॉलेजों और कुछ सरकारी कॉलेजों में एडमिशन आपके 12वीं कक्षा में आए नंबरों (Marks) के आधार पर होता है । मान लीजिए आपने 12वीं में अच्छे नंबर लिए हैं, तो कॉलेज एक लिस्ट निकालता है (जिसे मेरिट लिस्ट कहते हैं), अगर आपका नाम उसमें है, तो आपको सीधा दाखिला मिल जाता है ।
2. प्रवेश परीक्षा के आधार पर (Entrance Exams): कई राज्यों में सरकारी कॉलेजों में सीट पक्की करने के लिए आपको एक छोटी सी परीक्षा देनी होती है, जिसे एंट्रेंस एग्जाम (प्रवेश परीक्षा) कहते हैं । इस परीक्षा में 10वीं और 12वीं स्तर की विज्ञान, सामान्य ज्ञान, और थोड़ा बहुत गणित और इंग्लिश पूछा जाता है ।
भारत की कुछ प्रमुख एएनएम प्रवेश परीक्षाएं (ANM Entrance Exams):
- झारखंड एएनएम परीक्षा (JCECEB द्वारा): इसमें सामान्य विज्ञान, गणित और सामान्य ज्ञान पूछा जाता है (ऑफलाइन मोड) ।
- बिहार एएनएम परीक्षा (BCECE द्वारा): इसमें जीव विज्ञान (Biology), अंग्रेजी और करेंट अफेयर्स के प्रश्न आते हैं ।
- पश्चिम बंगाल एएनएम परीक्षा (WBJEEB द्वारा): तार्किक तर्क (Reasoning), सामान्य ज्ञान और विज्ञान ।
- यूपी संयुक्त पैरामेडिकल प्रवेश परीक्षा: उत्तर प्रदेश में साइंस और अंग्रेजी के आधार पर यह परीक्षा होती है ।
- इग्नू (IGNOU) एएनएम प्रवेश: यह एक ऑनलाइन परीक्षा होती है ।
एडमिशन के चरण (Steps for Admission):
- सबसे पहले अपनी पसंद के कॉलेज की जानकारी निकालें ।
- कॉलेज की वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन (Application form) भरें ।
- अपनी 10वीं और 12वीं की मार्कशीट, आधार कार्ड, और मेडिकल फिटनेस का सर्टिफिकेट जमा करें ।
- अगर परीक्षा है तो परीक्षा दें, वरना मेरिट लिस्ट का इंतजार करें ।
- नाम आने के बाद कॉलेज में जाकर अपनी फीस जमा करें और अपनी सीट पक्की करें ।
ANM कोर्स की फीस (anm course fees)
अब बात करते हैं पैसों की। कोई भी कोर्स करने से पहले हमें पता होना चाहिए कि उसमें हमारा कितना खर्चा आएगा। anm course kya hai और इसकी फीस कितनी है, यह पूरी तरह से इस बात पर निर्भर करता है कि आप किस कॉलेज (सरकारी या प्राइवेट) से पढ़ाई कर रहे हैं ।
- सरकारी कॉलेजों की फीस: अगर आप थोड़ी मेहनत करके किसी सरकारी कॉलेज में प्रवेश परीक्षा पास कर लेते हैं, तो आपकी पढ़ाई बहुत ही सस्ते में हो जाती है। सरकारी कॉलेजों की फीस लगभग ₹1,770 से लेकर ₹30,000 या ₹50,000 प्रति वर्ष तक हो सकती है । गरीब और मध्यम वर्ग के छात्रों के लिए यह सबसे अच्छा विकल्प है ।
- प्राइवेट कॉलेजों की फीस: अगर आप किसी प्राइवेट कॉलेज में एडमिशन लेते हैं, तो वहाँ आपको बड़ी बिल्डिंग, अच्छी लैब और ज्यादा सुविधाएं मिलती हैं, इसलिए वहाँ की फीस भी ज्यादा होती है । प्राइवेट कॉलेजों में एएनएम कोर्स की फीस ₹80,000 से लेकर ₹1.5 लाख या ₹2 लाख तक हो सकती है । उदाहरण के लिए, तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी (TMU), मुरादाबाद में एक सेमेस्टर की फीस ₹39,600 है (यानी पूरे 2 साल का लगभग ₹1,26,000) ।
ANM कोर्स के लिए टॉप कॉलेज कौन से हैं? (Top Colleges for ANM)
अगर आप अच्छे कॉलेज की तलाश में हैं, तो भारत में कई शानदार कॉलेज हैं। बस एक बात का हमेशा ध्यान रखें कि आप जिस भी कॉलेज में एडमिशन लें, वह Indian Nursing Council (INC) या आपके राज्य की नर्सिंग काउंसिल से मान्यता प्राप्त (Recognized) होना चाहिए । यहाँ कुछ बेहतरीन कॉलेजों के नाम हैं
प्रमुख सरकारी कॉलेज (Government Colleges):
- लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज (LHMC), नई दिल्ली
- किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU), लखनऊ, उत्तर प्रदेश
- नर्सिंग ट्रेनिंग स्कूल, रिम्स (RIMS), रांची, झारखंड
- राजकीय नर्सिंग कॉलेज (GCN), जयपुर, राजस्थान
- गांधी मेडिकल कॉलेज (GMC), भोपाल, मध्य प्रदेश
- गुरु तेग बहादुर (GTB) हॉस्पिटल स्कूल, दिल्ली
प्रमुख प्राइवेट कॉलेज (Private Colleges):
- अपोलो कॉलेज ऑफ नर्सिंग, हैदराबाद, तेलंगाना
- क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज (CMC), वेल्लोर, तमिलनाडु
- तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी (TMU), मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश
- शारदा यूनिवर्सिटी (S.N.S.R), ग्रेटर नोएडा, यूपी
ANM कोर्स करने वाले छात्रों के लिए छात्रवृत्तियां (Scholarships)
अगर आपके पास फीस भरने के पैसे नहीं हैं, तो घबराने की कोई बात नहीं है। anm course kya hai जानने के बाद आपको यह भी जानना चाहिए कि सरकार और कई बड़ी संस्थाएं गरीब और होशियार बच्चों को मुफ्त में या बहुत कम पैसों में पढ़ने के लिए स्कॉलरशिप (वजीफा) भी देती हैं:
- सासाकावा इंडिया लेप्रोसी फाउंडेशन छात्रवृत्ति: अगर किसी छात्र के माता-पिता को कुष्ठ रोग है, तो यह संस्था बच्चे की पूरी फीस और अन्य खर्चे उठाती है ।
- सर रतन टाटा ट्रस्ट और नवजबाई रतन टाटा ट्रस्ट: यह उन बच्चों को दी जाती है जो पढ़ाई में बहुत अच्छे हैं लेकिन गरीब हैं। इसमें पूरी फीस के साथ हर महीने 5,000 रुपये का वजीफा भी दिया जाता है ।
- टीएनएआई एसएनएआई (TNAI SNAI) छात्रवृत्ति: स्टूडेंट नर्सेज एसोसिएशन की सदस्यों को यह 24,000 रुपये का एकमुश्त भुगतान देती है ।
- राष्ट्रीय योग्यता (National Merit) छात्रवृत्ति: अगर आपके नंबर बहुत अच्छे हैं, तो सरकार आपकी पूरी फीस और हर महीने 10,000 रुपये तक दे सकती है ।
ANM कोर्स के बाद करियर और नौकरियां (Career Scope and Jobs after ANM)
सबसे बड़ा सवाल जो हर छात्र के मन में होता है: “anm course kya hai और इसे करने के बाद मुझे काम क्या मिलेगा और कहाँ मिलेगा?” आपको बता दें कि एएनएम कोर्स के बाद नौकरियों के अनगिनत अवसर (Opportunities) मौजूद हैं । आप इन जगहों पर बहुत ही शान से नौकरी कर सकते हैं:
- सरकारी अस्पताल और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC): हर गाँव और कस्बे में सरकार के स्वास्थ्य केंद्र होते हैं, जिन्हें उप-स्वास्थ्य केंद्र और PHC कहते हैं। वहाँ मातृ-शिशु देखभाल, टीकाकरण और ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को संभालने के लिए सरकार एएनएम नर्सों की पक्की भर्तियां करती है ।
- प्राइवेट अस्पताल और नर्सिंग होम: प्राइवेट अस्पतालों में डॉक्टरों की सहायता के लिए हमेशा बेसिक मेडिकल केयर देने वाली नर्सों की भारी मांग रहती है ।
- गैर सरकारी संगठन (NGO): बहुत से एनजीओ महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और बीमारियों की रोकथाम के लिए गाँव-गाँव जाकर काम करते हैं। वे अपने अभियानों के लिए एएनएम पास युवाओं को अच्छे वेतन पर नौकरी देते हैं ।
- होम हेल्थकेयर (घर पर देखभाल): आज के व्यस्त समय में, बहुत से परिवारों में बुजुर्गों या गंभीर बीमार मरीजों की घर पर देखभाल के लिए प्रशिक्षित नर्सों की जरूरत होती है। आप ‘होम केयर नर्स’ बनकर अच्छी कमाई कर सकते हैं ।
- प्रसूति केंद्र (Maternity Homes): जिन अस्पतालों में सिर्फ बच्चों का जन्म होता है, वहाँ सुरक्षित डिलीवरी कराने और नवजात शिशु की देखभाल के लिए एएनएम नर्सों की सबसे ज्यादा जरूरत होती है ।
एएनएम के रूप में आपका मुख्य काम क्या होगा? (Work of ANM):
- गर्भवती महिलाओं की जाँच करना और सुरक्षित डिलीवरी कराना 。
- छोटे बच्चों और नवजात शिशुओं की देखभाल करना ।
- बच्चों को पोलियो, खसरा जैसे सभी जरूरी टीके (Vaccine) लगाना ।
- डॉक्टरों की मदद करना और मरीजों का रिकॉर्ड रजिस्टर में लिखकर रखना ।
- बुखार, चोट या इमरजेंसी में प्राथमिक चिकित्सा (फर्स्ट एड) देना ।
डाइट और न्यूट्रिशन (Diet and Nutrition) में शानदार करियर:
अगर आप सिर्फ अस्पताल तक सीमित नहीं रहना चाहते, तो anm course kya hai समझने के बाद आप खान-पान के क्षेत्र में भी अपना भविष्य बना सकते हैं। आज के समय में हर इंसान फिट और स्वस्थ रहना चाहता है । एएनएम के बाद आप “डिप्लोमा इन न्यूट्रिशन” या “सर्टिफिकेट इन डाइटेटिक्स” जैसे छोटे कोर्स करके इन पदों पर काम कर सकते हैं
- क्लीनिक/अस्पताल में डाइट काउंसलर: मरीजों को यह बताना कि बीमारी में उन्हें क्या खाना चाहिए और क्या नहीं ।
- कम्युनिटी न्यूट्रिशन असिस्टेंट: गाँव में कुपोषण (कमजोरी) को दूर करने के लिए सरकारी प्रोजेक्ट्स में काम करना ।
- वेलनेस कोच: लोगों को वजन कम करने (Weight loss) और फिट रहने की सलाह देना । जैसा कि मुंबई की मशहूर डाइटिशियन फोरम मोदी कहती हैं, “डाइट काउंसलर बनना सिर्फ करियर नहीं, बल्कि लोगों की जिंदगी को बेहतर बनाने की एक सेवा है” ।
ANM कोर्स के बाद सैलरी (Salary of ANM in Hindi)
क्या anm course kya hai की पढ़ाई के बाद पैसा अच्छा मिलेगा? जवाब है, हाँ!
भारत में एएनएम कोर्स पूरा करने के बाद एक फ्रेशर (शुरुआती) नर्स की औसत सैलरी ₹15,000 से ₹30,000 प्रति माह के बीच होती है । सालाना पैकेज की बात करें तो यह 2 लाख से 5 लाख रुपये प्रति वर्ष तक हो सकता है
अगर आपकी नौकरी सरकारी अस्पताल या ‘राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन’ (NHM) के तहत लग जाती है, तो आपकी शुरुआती सैलरी ₹20,000 से ₹25,000 के बीच होती है और आपको सरकार की तरफ से कई तरह के भत्ते (सुविधाएं) भी मिलते हैं । जैसे-जैसे आपका काम का अनुभव (Experience) बढ़ता है, आपकी सैलरी में भी लगातार बढ़ोतरी होती रहती है ।
ANM कोर्स के बाद आगे की पढ़ाई (Higher Education Options)
अगर आप महत्वाकांक्षी हैं और आपको लगता है कि anm course kya hai जानने और इसे पास करने के बाद मुझे और आगे बढ़ना है, तो आपके लिए शिक्षा के रास्ते खुले हुए हैं। एक बार जब आप अपना रजिस्ट्रेशन (State Nursing Council में) करवा लेते हैं, तो आप अपनी नौकरी के साथ-साथ या बाद में ये कोर्स कर सकते हैं:
- GNM (General Nursing and Midwifery): यह एएनएम के बाद सबसे अच्छा विकल्प है। यह 3 साल का डिप्लोमा है जो आपको एक पूरी तरह से रजिस्टर्ड ‘स्टाफ नर्स’ बनाता है। इसके बाद आप बड़े अस्पतालों के ऑपरेशन थियेटर और ICU में काम कर सकते हैं ।
- BSc Nursing (ब्रिज कोर्स): आप एएनएम के बाद कुछ ब्रिज कोर्स के जरिए बीएससी नर्सिंग (ग्रेजुएशन) में भी दाखिला ले सकते हैं, जिससे आप नर्सिंग मैनेजमेंट या सुपरवाइजर के बड़े पदों तक पहुँच सकते हैं ।
- विशेषज्ञता (Specialization): आप बच्चों की नर्सिंग (बाल रोग) या बुजुर्गों की देखभाल (वृद्धावस्था चिकित्सा) में भी स्पेशल कोर्स कर सकते हैं ।
ANM और GNM में मुख्य अंतर क्या है? (Difference between ANM and GNM)
- ANM (एएनएम): यह 2 साल का कोर्स है। इसका मुख्य काम ग्रामीण क्षेत्रों, गाँवों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) में बुनियादी स्वास्थ्य और गर्भवती महिलाओं की देखभाल करना है। इसे किसी भी स्ट्रीम (आर्ट्स/कॉमर्स) से 12वीं पास करके किया जा सकता है ।
- GNM (जीएनएम): यह 3 साल का लंबा कोर्स है। इसमें नर्सिंग की बहुत गहरी पढ़ाई होती है। GNM पास करने के बाद नर्सें बड़े शहरी अस्पतालों, क्लीनिकों और हर तरह के मेडिकल विभागों में काम करती हैं ।
निष्कर्ष (Conclusion): अंत में, हम यही कहेंगे कि अगर आपके अंदर लोगों की सेवा करने का जज्बा है और आप स्वास्थ्य के क्षेत्र में अपना एक सुरक्षित और अच्छा करियर बनाना चाहते हैं, तो anm course kya hai जानकर इस दिशा में कदम बढ़ाना एक बहुत ही शानदार फैसला है । कम समय, कम फीस और नौकरी की पूरी गारंटी, इस कोर्स को 12वीं पास युवाओं के लिए बहुत ही खास बनाती है । आज ही अपने आस-पास के अच्छे कॉलेजों की जानकारी निकालें और अपने सपनों की उड़ान भरें ।
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यह भी पढ़ें: BCC Course Kya Hai?
People Also Ask (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)
एएनएम (ANM) बनने के लिए कौन सी पढ़ाई करनी पड़ती है?
एएनएम बनने के लिए आपको सबसे पहले किसी भी मान्यता प्राप्त स्कूल से अपनी 12वीं कक्षा पास करनी होती है । उसके बाद आपको किसी अच्छे नर्सिंग कॉलेज से 2 साल का एएनएम डिप्लोमा कोर्स करना होता है। इस पढ़ाई में आपको मरीजों की सेवा करना और इंजेक्शन लगाना सिखाया जाता है ।
क्या एएनएम कोर्स एक पूरी नर्स के बराबर होता है?
नहीं, एएनएम (सहायक नर्स दाई) पूरी तरह से एक बड़ी अस्पताल वाली नर्स (स्टाफ नर्स) के बराबर नहीं होती है । एएनएम मुख्य रूप से गाँवों में या छोटे अस्पतालों में मरीजों की बुनियादी (Basic) सेवा और टीकाकरण का काम करती है । बड़ी नर्स बनने के लिए जीएनएम या बीएससी नर्सिंग करनी पड़ती है
क्या आर्ट्स या कॉमर्स वाले (नॉन-मेडिकल) बच्चे भी एएनएम कर सकते हैं?
जी हाँ, बिल्कुल! anm course eligibility के अनुसार किसी भी स्ट्रीम (आर्ट्स, साइंस या कॉमर्स) से 12वीं पास छात्र एएनएम कोर्स कर सकते हैं ।
एएनएम में क्या-क्या पढ़ाया जाता है?
एएनएम में यह पढ़ाया जाता है कि एक गर्भवती महिला की देखभाल कैसे करें, सुरक्षित रूप से बच्चा कैसे पैदा करवाएं, बच्चों को कौन से टीके लगाने हैं, साफ-सफाई कैसे रखनी है और अचानक चोट लगने पर फर्स्ट-एड (प्राथमिक उपचार) कैसे देना है ।
क्या एएनएम पास करने के बाद रजिस्ट्रेशन करवाना जरूरी होता है?
हाँ, कोर्स खत्म होने के बाद आपको अपने राज्य की नर्सिंग परिषद (State Nursing Council) में अपना नाम दर्ज (रजिस्ट्रेशन) करवाना पड़ता है । इसके बिना आप अस्पताल में पक्की नौकरी नहीं कर सकते
एएनएम (ANM) कोर्स की कुल फीस कितनी होती है?
अगर आप परीक्षा पास करके सरकारी कॉलेज में जाते हैं, तो आपको ₹10,000 से ₹30,000 ही देने पड़ते हैं । लेकिन अगर आप किसी प्राइवेट कॉलेज में जाते हैं, तो वहाँ की फीस ₹80,000 से लेकर ₹1.5 लाख तक हो सकती है ।
क्या एएनएम (ANM) केवल लड़कियां ही कर सकती हैं?
पुराने समय में दाई का काम सिर्फ महिलाएं करती थीं, इसलिए यह लड़कियों में ज्यादा प्रसिद्ध है । लेकिन आज के नियमों के अनुसार, स्वास्थ्य कार्यकर्ता (Health Worker) के रूप में कोई भी योग्य व्यक्ति इस क्षेत्र में अपना करियर बना सकता है ।
एएनएम नर्सिंग के क्या फायदे हैं?
सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह कोर्स केवल 2 साल का है, इसलिए आपको बहुत जल्दी नौकरी मिल जाती है । सरकारी अस्पतालों में काम करने के अच्छे मौके मिलते हैं और आप समाज में मरीजों की सेवा करके एक पुण् का काम करते हैं ।